पेशी पर आए हत्यारोपी सुशील पहलवान के साथ फोटो खिंचवाते दिखे पुलिसकर्मी

दिल्ली। दिल्ली पुलिस पर उठ रहे सवाल पहलवान सागर धनकड़ हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुशील कुमार को आज तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया। इससे पहले सुशील कुमार को मंडोली जेल में शिफ्ट किया गया था। तिहाड़ में उन्हें जेल नंबर 2 में रखा जाएगा। जेल प्रशासन के मुताबिक ये रूटीन प्रक्रिया है। मगर माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से सुशील को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है।

इस बीच बड़ी घटना यह हुई कि जब शुक्रवार की दोपहर उन्हें मंडोली से तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जा रहा था, तब उनके साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने वालों की भीड़ जमा रही। इस दौरान 2 गज की दूरी का भी ध्यान नहीं रहा। पुलिसकर्मी ही कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते दिखाई दिए। हत्या के आरोपी सुशील कुमार के साथ फोटो खिंचवाने के लिए होड़ लगी रही। पुलिस वालों ने ही जमकर सेल्फी ली। असलहा लटकाए पुलिसकर्मियों से लेकर कैदियों की सुरक्षा में तैनात गार्ड, हर किसी ने सुशील के साथ फोटो खिंचवाया। सेल्फी ली। इस पूरे दौरान सुशील कुमार मुस्कुराते नजर आए। ऐसा लगा नहीं कि वह एक जेल से दूसरे जेल में शिफ्ट किए जा रहे हैं। जैसे ही सोशल मीडिया पर ये फोटो पहुंची, जबरदस्त रिएक्शन आने लगे।
 
यूजर्स का कहना है कि इससे दिल्ली पुलिस की छवि धूल-धूसरित हो रही है। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए यह सदमें जैसा है। आखिर हत्याकांड में शामिल एक आरोपी के साथ फोटो क्यों खिंचवाना। कई यूजर्स ने इसमें सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है। उनका कहना है इस कि जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी के साथ पुलिसकर्मियों और गार्डों के ऐसे फोटो और सेल्फी सेशन से गलत संदेश जाता है। वरिष्ठ पत्रकार पंकज पराशर ने लिखा, दिल्ली पुलिस क्या हत्यारोपी सुशील पहलवान को फोटो ऑप के लिए पेशी पर लाती है। जब पीड़ित परिवार ऐसे फोटो और वीडियो देखेगा तो क्या उन्हें न्याय की आशा रहेगी। सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।

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