कोविड प्रोटोकाॅल के तहत प्रत्येक माह के 02 व 04 शनिवार को आयोजित होगें समाधान दिवस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोविड प्रोटोकाॅल के तहत थाना दिवस/समाधान दिवस आयोजित किये जायेगें। थाना दिवस/समाधान दिवस प्रत्येक माह के द्वितीय व चतुर्थ शनिवार को आयोजित होगें।

शासन द्वारा थाना दिवस/समाधान दिवस में प्राप्त जनसामान्य की समस्याओं का 5 दिन में प्रत्येक दशा में निस्तारण किये जाने एवं जनपद स्तर पर थाना दिवस की समीक्षा हेतु नामित नोडल ए0एस0पी0 स्तर के अधिकारी द्वारा पूर्व थाना दिवस में समस्याओं के निस्तारण की सूचना सभी जनसामान्य को दिये जाने के व्यवस्था किये जाने के निर्देश भी दिये गये हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा इस संबंध में प्रदेश के चारों पुलिस आयुक्त, समस्त जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं। 

शासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि थाना दिवस ऐसी खुली जगहों पर आयोजित किया जाय जहाॅ पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुये आवेदकों की बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की जाय तथा थाना दिवस के आयोजन के पूर्व सैनेटाईजेशन का कार्य अवश्य किया जाय। प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जाय। किसी भी अधिकारी/ कर्मचारी एवं आवेदक में कोविड-19 के संक्रमण के लक्षण पाये जाने पर सम्बन्धित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी/जिला चिकित्सालय को सूचित कर अग्रतर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। थाना दिवस पर आने वाले व्यक्तियों के लिए कोविड प्रोटोकाॅल यथा दो गज दूरी, मास्क की अनिवार्यता तथा स्थल पर सैनेटाइजर व हाथ धोने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करायी जाय।
 
आवेदकों को शासन द्वारा कोविड-19 महामारी को रोकने हेतु निर्गत आदेशों से हेल्प डेस्क स्थापित कर यह भी बताया जाए कि मास्क का उपयोग न किये जाने पर दण्ड का प्रावधान है। निर्देशों मेें यह भी कहा गया है कि समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, परिक्षेत्रिय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उपमहानिरीक्षक कोविड-19 सम्बन्धी गाइडलाइन का पालन करते हुये थाना दिवस के दिन स्वयं अपने क्षेत्र मंे भ्रमण शील रहते हुये शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के कम से कम दो-दो थानों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेगें कि थाना दिवस का आयोजन निर्देशानुसार किया जा रहा है और उसमें सभी सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहेगें। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि सभी पुलिस अधीक्षक प्रभारी जनपद एवं अपर पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जनपद के किन्ही दो-दो थानों पर आधा-आधा समय के लिए उपस्थित रहेंगे तथा क्षेत्राधिकारीगण अपने क्षेत्र की किसी एक तहसील/थाने पर पूर्णकाल तक उपस्थित रहेगें।

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