ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाका हिंडोला में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया गया मीरी पीरी दिवस

लखनऊ। दिनाँक 19.07.2021 दिन सोमवार को श्री गुरू सिंह सभा, ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाका हिंडोला, लखनऊ में मीरी पीरी दिवस बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया गया। प्रातः के दीवान में श्री सुखमनी साहिब के पाठ के उपरान्त रागी जत्था भाई राजिन्दर सिंह ने पवित्र आसा की वार का शबद कीर्तन गायन कर समूह साध संगत को निहाल किया।

ज्ञानी सुखदेव सिंह ने मीरी पीरी दिवस पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्री गुरु अरजन देव जी की शहीदी के बाद जब साहिब श्री गुरु हरिगोबिन्द साहिब जी गद्दी पर बैठे तो उन्होनें दो तलवारें धारण की एक मीरी की और एक पीरी की। मीरी का मतलब बादशाहत, ताकत, शक्ति, भाव जो लोग दुनिया में जुल्म कर रहे है। मैं मीरी की तलवार पहन कर उन्हें जुल्म करने से रोकंगा ओर पीरी का मतलब जो लोग पीर फकीर धर्मी बनकर पाप कर रहे हैं, मै उनके पाप को प्रकट करुंगा व सच्चे धर्माथियों की रक्षा करुंगा।

जहाँ श्री गुरु अरजन देव जी ने श्री अमृतसर में हरिमन्दिर साहिब की सर्जना की जो भक्ति का प्रतीक है, वहाँ श्री गुरु हरिगोबिन्द साहिब जी ने ठीक हरिमन्दिर साहिब के सामने अकाल तख्त की सर्जना की जो शक्ति का प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन स0 सतपाल सिंह ‘‘मीत’’ जी ने किया। दीवान की समाप्ति के पश्चात लखनऊ गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष स0 राजेन्द्र सिंह बग्गा ने आई साध संगत को मीरी पीरी दिवस की बधाई दी। तत्पश्चात चाय का लंगर श्रधालुओं में वितरित किया गया।

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