बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन को मतदान स्थल तक पहुंचाएगी रोजगार गारंटी पदयात्रा- वैभव माहेश्वरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी व्यथा यहां की बेरोजगारी है और सरकार में बैठे लोग अपने अहंकार और अज्ञानता के कारण इसकी वजह बने हुए हैं। आज देश एवं प्रदेश के सारे किसान और नौजवान जिनको अपने खेत में, अपने काम पर होना चाहिए था वो सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। अपने हक के लिए आवाज उठाने पर किसानों के ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं उन्हें खालिस्तानी और पाकिस्तानी बताया जा रहा है तो वही नौकरी मांगने पर नौजवानों को लाठियों से पीट कर जेल भेजा जा रहा है।
 
सड़कों पर बेरोजगारी के खिलाफ जारी इस आंदोलन को मतदान स्थल तक पहुंचाने के लिए गुरुवार को प्रयागराज से आम आदमी पार्टी की रोजगार गारंटी पदयात्रा शुरू हुई है। पार्टी के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने गुरुवार को प्रदेश कार्यालय पर शिक्षाविद घनश्याम श्रीवास्तव के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। वैभव माहेश्वरी ने बताया कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रयागराज में हरी झंडी दिखाकर सीवाईएसएस के प्रदेश अध्यक्ष वंश राज दुबे के नेतृत्व में रोजगार गारंटी यात्रा को रवाना किया है। इसका समापन 8 जुलाई को लखनऊ में होना है। यह यात्रा पूरे प्रदेश में बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलित नौजवानों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगी। परिवर्तन से ही प्रदेश में यह समस्या खत्म होगी। इसलिए सभी नौजवानों से अपील की जाएगी कि बेरोजगारी के खिलाफ अपने आंदोलन को वो आम आदमी पार्टी की रोजगार गारंटी यात्रा के साथ जोड़कर मतदान स्थल तक पहुंचाएं।
 
आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश के नौजवान पोलिंग बूथ पर ऐसी झाड़ू चलाएं कि भाजपा का सफाया हो जाए। वैभव माहेश्वरी ने योगी सरकार पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा कि इस सरकार में लटकी भर्तियों में अधिकांशत: शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं। विभिन्न स्तर पर शिक्षकों की भर्तियां अटकी हुई हैं। उन्हें दौड़ाया जा रहा है। दरअसल भाजपा कि यह सोच ही नहीं है कि यहां के नौजवान पढ़ लिख कर आगे बढ़े। वह उन्हें मंदिर- मस्जिद, हिंदू- मुस्लिम, लव जिहाद जैसे मुद्दों मैं उलझा कर भटकाना चाहती है। रोजगार गारंटी पदयात्रा अभियान के नाम में शामिल गारंटी शब्द पर प्रकाश डालते हुए वैभव माहेश्वरी ने कहा कि आम आदमी पार्टी वादा नहीं करती बल्कि गारंटी देती है। उत्तर प्रदेश की जनता के आशीर्वाद और प्यार से अगर हम सरकार में आए तो नौकरी के लिए युवा प्रदेश सरकार से जितने भी मुकदमा लड़ रहे हैं उन सारे मामलों में सरकार की ओर से तत्काल केस वापस लेने का काम किया जाएगा। 1 माह के भीतर ऐसी सभी भर्तियों को पूरा किया जाएगा जिसमें सरकार की ओर से किसी न किसी तरह का अड़ंगा डाला गया है।
 
वैभव माहेश्वरी ने लोअर पीसीएस 2019, ग्राम पंचायत अधिकारी 2018, 68500 शिक्षक भर्ती 2018, 69000 शिक्षक भर्ती 2019, सहायक उप निरीक्षक 2016, मंडी परिषद 2018, डीएलएड/ B.Ed/ बीटीसी, शिक्षामित्र, अनुदेशक, जूनियर इंजीनियर 2016/ 2018, सिपाही पीएससी 41250-49568, सहायक लेखाकार कोषागार 2015, आबकारी सिपाही 2016, दरोगा भर्ती आदि के अभ्यर्थी नौकरी मांगने पर सरकार द्वारा प्रताड़ित किए जा रहे हैं। उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। 97000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती, लेखपाल भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी और राजस्व निरीक्षक आदि पदों की नई भर्तियां भी सरकार लटकाए हुए है। गरीबी कोटे से भाई को असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने वाले बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला किया है। वैभव माहेश्वरी के इस आरोप पर प्रकाश डालते हुए शिक्षाविद घनश्याम श्रीवास्तव ने मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा, संविधान की विभिन्न धाराओं के तहत इस भर्ती में नियमानुसार ओबीसी कैटेगरी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने उनका हक मारकर आरक्षण घोटाला किया है।
 
नियमानुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 18598 सीटें मिलनी चाहिए थीं, मगर उन्हें 2637 सीटें मिलीं। यह संविधान की अनदेखी है, यह एक गंभीर किस्म का अपराध है जिसके लिए जिम्मेदार बेसिक शिक्षा मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से दी गई रिपोर्ट पर्याप्त आधार है। यह रिपोर्ट भी आरक्षण घोटाले पर मुहर लगाती है। प्रदेश सह प्रभारी अभिनव राय ने कहा कि भारतीय संविधान OBC वर्ग को जो अधिकार देता है। उत्तर प्रदेश सरकार उसका पूर्ण अनुपालन करे। इस पूरे मामले को लेकर बेरोजगार युवक राष्ट्रिय पिछड़ा आयोग गए थे जियकी अंतरिम रीपोर्ट आ गयी है, जो OBC युवाओं के पक्ष में है और उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ० सतीश चंद्र द्विवेदी को दोषी मानती हैं। इसलिए डॉ० सतीश चंद्र द्विवेदी को मत्रिमंडल से बर्ख़ास्त कर इनपर FIR दर्ज़ की जाये। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवा कर एक महीनें के अंदर इन युवाओं को न्याय दिया जाये।

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