डा0 एन0के0 सिंह को उनकी तृतीय पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि

लखनऊ। आज नवभारत पत्रकार एसोसिएशन के तत्वाधान में संगठन के संस्थापक अध्यक्ष श्रद्धेय डा. एन. के.सिंह को उनकी तृतीय पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। यह कार्यक्रम गोमती नगर के विनीत खण्ड में स्थित  हिन्दी मीडिया सेंटर में आयोजित हुआ और इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया गया।

डा. साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद संगठन के अध्यक्ष एस.पी. सिंह ने कहा कि स्वर्गीय डा. एन.के.सिंह ने छोटे–मंझोले अखबारों के पत्रकारों–कर्मचारियों का हित साधने के लिए यह संगठन बनाया था। वे बार–बार कहते थे कि एक पत्रकार का सामाजिक दायित्व भी होता है और इसके लिए उसको हमेशा संघर्ष करना चाहिए। संगठन के महासचिव अजीत कुमार सिंह ने श्रद्धेय डा.एन.के.सिंह को एक  महामानव बताया जो हमेशा प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर संगठन के प्रवक्ता नैमिष प्रताप सिंह ने विस्तार से डा. एन. के. सिंह के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डा. एन. के. सिंह मूल रूप से गाजीपुर जनपद के रहने वाले थे और वाराणसी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद पत्रकारिता से जुड़ गए लेकिन वे एक पत्रकार के साथ - साथ जन सरोकारों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे और पत्रकारों तथा दूसरे दु:खी, पीड़ित, असहाय लोगों के सुख- दु:ख में हमेशा भागीदार रहते थे।

डा. साहब का एैसा खुशमिजाज व ऊर्जावान व्यक्तित्व था कि कोई कितना भी परेशान क्यों न हो लेकिन उनसे थोड़ी देर की बातचीत के बाद उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। संगठन से जुड़ा या कोई अन्य व्यक्ति उनसे कितना भी नाराज क्यों न हो जाये लेकिन वे इसे बिलकुल भी अपने मन मेँ नहीं रखते थे और बेहद कटुतापूर्ण वातावरण को सामान्य करने में जैसे उनको महारथ हासिल था। नैमिष प्रताप सिंह ने कहा कि .डा साहब पत्रकारिता को लोक हित को साधने का माध्यम मानते थे और उनके मन में छोटे-मंझोले अखबारों व इसमें कार्यरत मीडियाकर्मियों-कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी कुछ करते रहने की इच्छाशक्ति थी। इसीलिए उन्होंने नवभारत पत्रकार एसोसिएशन नामक संस्था का गठन किया था और इस संगठन को वे राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना चाहते थे।

उन्होंने संगठन को 06 - 07 राज्यों में खड़ा भी कर दिया था और इसे अन्य राज्यों में  विस्तार देने के लिए लगातार प्रयत्नशील थे। यह हम लोगों का दुर्भाग्य था कि एक बिलकुल स्वस्थ इंसान, जो समाज को बहुत कुछ दे रहे थे , को काल ने हमसे छीन लिया। हम लोग डा.साहब को हमेशा याद रखेंगे और जब भी हिन्दी मीडिया सेंटर में कार्यक्रम करते है तो एैसा लगता है कि वे बस अभी तुरंत आकर पूरे माहौल को खुशनुमा बनाते हुए उत्साह से भर देंगे लेकिन एैसा होता नहीं है क्योंकि वे अब केवल  ' स्मृति शेष ' मात्र है. इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सत्यजीत सिंह, नितिन सिंह, अंबुज सिंह,जितेंद्र झा , अमर कृष्ण मिश्रा , सरदार रणवीर सिंह आदि की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।


प्रस्तुति : नैमिष प्रताप सिंह

Popular posts from this blog

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न

अनेक बातें जो हम समझ नहीं पाते

एकेटीयू में ऑफलाइन परीक्षा को ऑनलाइन कराए जाने के संबंध में कुलपति को सौंपा गया ज्ञापन