07 अगस्त, 2021 को 7वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाएगा वस्त्र मंत्रालय

वस्त्र मंत्रालय 07 अगस्त, 2021 को सातवां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाएगा। इस दिन, हथकरघा बुनकर समुदाय को सम्मानित किया जाता है और इस देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में इस क्षेत्र के योगदान को रेखांकित किया जाता है। हमारी हथकरघा विरासत की रक्षा करने और हथकरघा बुनकरों व श्रमिकों को अधिक अवसरों के साथ सशक्त बनाने के संकल्प की फिर से पुष्टि की जाती है। इस वर्ष, हथकरघा दिवस मनाने के लिए वस्त्र मंत्रालय कन्वेंशन सेंटर, द अशोक, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य  और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल द्वारा की जाएगी। केन्द्रीय वस्त्र और रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि होंगी। वस्त्र सचिव, यू.पी. सिंह भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक राष्ट्र के रूप में हम सभी से भारतीय हथकरघा उत्पादों को खरीदने और #MyHandloomMyPride के साथ जुड़कर इनकी भव्यता दिखाने का आग्रह किया है। हमारे देश की समृद्ध और विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक, हथकरघा पूरे देश के ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण भागों में आजीविका प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें बुनकरों और संबद्ध श्रमिकों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। इस प्रकार यह क्षेत्र महिला सशक्तिकरण में प्रमुख भूमिका निभाता है।

स्वदेशी आंदोलन, हमारे स्वतंत्रता संघर्ष के प्रमुख आंदोलनों में से एक था। 7 अगस्त, 1905 को शुरू किए गए इस आंदोलन ने स्वदेशी उद्योगों और स्वदेशी भावना को प्रोत्साहित किया, जिसमें हथकरघा से जुड़े बुनकर भी शामिल थे। भारत सरकार ने 2015 में, हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (एनएचडी) मनाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 07 अगस्त, 2015 को चेन्नई में पहले एनएचडी का उद्घाटन किया था। तब से, वाराणसी, गुवाहाटी, जयपुर और भुवनेश्वर में एनएचडी समारोह आयोजित किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा हथकरघा क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि हथकरघा से जुड़े बुनकरों और श्रमिकों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाया जा सके तथा उनके उत्कृष्ट शिल्प कौशल पर गर्व किया जा सके।

वस्त्र मंत्रालय द्वारा संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से कोवलम, तिरुवनंतपुरम, केरल; मोहपारा गांव, जिला गोलाघाट, असम और कनिहामा, बडगाम, श्रीनगर में तीन हथकरघा शिल्प गांव स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर शिल्प गांव स्थापित करने का उद्देश्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को अतिरिक्त आकर्षण प्रदान करना और क्षेत्र के प्रसिद्ध हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देना है।

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