जलजीवन मिशन में हुआ महाघोटाला- संजय सिंह

लखनऊ। रविवार को लखनऊ में आप सांसद संजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर मिशन जल जीवन के महाघोटाले का पर्दाफाश किया। 30 हजार करोड़ के इस घोटाले में शामिल मंत्री और अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सीबीआई जांच की मांग की और इसके लिए सरकार को एक हफ्ते का समय दिया। दूसरे ही दिन सोमवार को जलशक्ति मंत्री सरकार की तरफ से मैदान में उतरे और मेरे आरोपों को नकारते हुए तमाम कागजाों के हवाले से मिशन के कामकाज को जायज ठहराया।
 
अब मै महेंद्र सिंह को चैलेंज करता हूं कि देश के किसी भी कोने या चौराहे पर जहां चाहें अपने कागजों के साथ आएं मै अपने कागजों के साथ आऊंगा और पूरी मीडिया के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। यूपी में बाबा और 40 चोरों की सरकार है जो हर मामले पर झूठ और सिर्फ झूठ बोलती है। मैने अयोध्या में मंदिर की जमीन खरीदने में घोटाले का मामला उठाया, मैने कोरोना काल में दवाओं और उपकरणों की खरीद का मामला उठाया मैने मंत्री सतीश द्विवेदी के भ्रष्टाचार का मामला उठाया सभी पर सरकार कोई जवाब तक नहीं दे पाती, अब जब मैने जल जीवन मिशन के महाघोटाले को उजागर किया है तो बाबा और उनके 40 चोरों की पूरी कलई खुल गई है। मंत्री मीडिया के सामने झूठे और गलत कागजों का हवाला देकर ब्लैक लिस्टेड कंपनी रश्मि मैटलिक के एजेंट की तरह वकालत करते नजर आए।
 
मै इस मामले में सच को सामने लाकर रहूंगा मै कल जीरो आवर में संसद में इस मामले को उठाऊंगा और इसकी शिकायक लोकायुक्त केंद्रीय जलशक्ति मंत्री और प्रधानमंत्री से भी करूंगा। कल मैंने आदित्यनाथ सरकार के सबसे करीबी मंत्री महेंद्र सिंह के जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार का बिंदुवार खुलासा किया था। मंत्री ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार ने पाइप की सप्लाई के लिए कोई टेंडर नहीं किया अगर आपने कोई टेंडर नहीं किया तो यह आलोक कुमार सिन्हा जी चिट्ठी कैसे जारी कर रहे हैं? मैं योगी सरकार के मंत्री महेंद्र सिंह को चुनौती देता हूँ कि वह सामने आकर कहे कि यह चिट्टियां झूठी है, बताएं कि इनके चीफ इंजीनियर आलोक कुमार सिन्हा ने रश्मि मैटेलिक के नाम से चिट्ठी क्यों लिखी है? जब आपने पाइप सप्लाई का ठेका रश्मि मटैलिक को नहीं दिया तो नमामि गंगे योजना के एडीएम संजय कुमार पांडे क्यों लिख रहे हैं कि इसकी पाइप घटिया क्वालिटी की है और मानक के अनुरूप नहीं है?
 
IMC FWL, यूनीप्रो टेक्नो इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, गायत्री प्रोजेक्ट, मेघा इंजीनियरिंग यह कंपनियां जो जल जीवन मिशन में काम कर रही हैं वह रश्मि मटैलिक का प्रयोग कर रही हैं।भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ अजय कुमार लिख रहे हैं कि ठेकेदारों से, JE से, AE से 2 लाख, 5 लाख, 10 लाख की वसूली की जा रही है, और यह वसूली महेंद्र सिंह को दो करोड़ रुपए रिश्वत देने के लिए की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय संयोजक अरविंद सचान ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर करोड़ों रुपए की आर्थिक भ्रष्टाचार के विभागीय जांच की बात की है । भाजपा के मंत्री नीलकंठ तिवारी ने आलोक कुमार सिन्हा के भ्रष्टाचार के बारे में चिट्ठी लिखी है। सुरेश कुमार खन्ना इनके संसदीय कार्य मंत्री से 2018 में ही इसके भ्रष्टाचार के बारे में शिकायत हुई है। मैं इस भ्रष्टाचार के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाऊंगा, न्यायालय भी जाऊंगा लेकिन लोगों के घरों में पहुंचाने वाले पानी में चोरी करने का जो काम सरकार कर रही है इन लोगों को नहीं छोडूंगा।
 
मैं साफ तौर पर आदित्यनाथ और उनके मंत्री से कहना चाहता हूँ कि आप अगर इस भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से नहीं कराएंगे, हाईकोर्ट मॉनीटर SIT से पूरे भ्रष्टाचार की जांच नहीं होगी तो इस पूरे प्रकरण में मैं लोकायुक्त से भी शिकायत करूँगा। उत्तर प्रदेश में योगी बाबा और चालीस चोर की सरकार चल रही है, हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार हो रहा है फिर भी बार-बार भ्रष्टाचार को मना करना इनकी आदत हो गई है। जब हमने ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर घोटाले का खुलासा किया तो बोले SIT बना दी है 10 दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी लेकिन आज तक उस रिपोर्ट का पता नहीं चला।
हमने सतीश द्विवेदी मंत्री के भ्रष्टाचार का खुलासा किया लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
8 लाख का वेंटिलेटर 22 लाख में खरीदा गया उससे भी संबंधित कागज दिया हमने लेकिन आज तक उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। हजारों करोड़ रूपए का भ्रष्टाचार जल जीवन मिशन में हुआ, उस पर आज माननीय मंत्री का जवाब मैं सुन रहा था मुझे लग रहा था वे योगी सरकार के मंत्री नहीं बल्कि एक भ्रष्ट कंपनी रश्मि मटैलिक के कर्मचारी की तरह बात कर रहे है।

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