जाति एवं सम्प्रदाय के नाम पर भेदभाव नही करती भाजपा- डा0 दिनेश शर्मा


गौतमबुद्धनगर। उ0प्र0 के उपमुख्यमंत्री डा0दिनेश शर्मा ने गौतमबुद्धनगर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन एवं प्रबुद्ध सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी जाति एवं सम्प्रदाय के नाम पर भेदभाव नही करती है। पिछले साढ़े चार साल में सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं का हर वर्ग के लोगों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा हिन्दू मुसलमान में भेदभाव नही करती,यही कारण है कि इस सरकार के लगभग साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी स्थान पर हिन्दू मुस्लिम दंगा नही हुआ।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सात साल के कार्यकाल में एक दिन का भी अवकाश नही लिया तथा उनका सारा समय जनता की सेवा में ही लगा ।इसी प्रकार प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी एक भी दिन का अवकाश नही लिया। यही कारण है कि देश और प्रदेश विकास की ओर अग्रसर हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कि सच्चा देशभक्त वह होता है जो अपने लिए नही समाज के लिए कार्य करता है और ऐसा ही व्यक्ति परिवर्तन करने में सक्षम होता है।आज उत्तर प्रदेश बदल रहा है और प्रगति की इबारत लिख रहा है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद के दादरी और लोनी में हुए प्रबुद्ध सम्मेलन में भारी बारिश के बावजूद हजारों लोग शामिल हुए। उन्होंने पूर्व में कहा कि शिक्षक स्रजन का कार्य करता है। वह अगली पीढी को तैयार करता है तथा वर्तमान पीढी को चुस्त दुरूसत  रखता है इसीलिए उसकी तुलाना देवता से की जाती है।

उन्होंने कहा कि ऐसा शिक्षक जिसमें जिन्दगी भर सीखने की भूख रहती है उसका विद्यार्थी उसे कभी भूल नही सकता है। जिस प्रकार लन्दन की आर्थिक स्थिति का आंकलन करने के लिए कहा जाता है कि इसके लिए वहां के संसद के स्थान पर वहां के स्टाक एक्सचेन्ज को देखना चाहिए उसी प्रकार किसी राष्ट्र का आकलन करने के लिए वहां के शिक्षक को देखना चाहिए। जिस राष्ट्र का शिक्षक खुशहाल होगा वहां की उन्नति को केाई रोक नही सकता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के लिए शिक्षा प्राथमिकता नही थी किंतु वर्तमान सरकार के लिए शिक्षा में सुधार प्राथमिकता है और इसी के लिए पिछले चार वर्षों में सतत सुधार किये गए हैं।इन सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और आज उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था देश के अन्य राज्यों को राह दिखा रही है। पिछली गैर भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा कि उन सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था का मखौल बना दिया था। परीक्षा केन्द्र के आबंटन में भ्रष्टाचार से लेकर परीक्षा के दौरान खुले आम नकल होने के कारण बोर्ड की प्रतिष्ठा तक घट गई थी जिससे देश के प्रधानमंत्री को यह तक कहना पड़ा था कि उत्तर प्रदेश में नकल के ठेके उठते हैं।


उनका कहना था कि वर्तमान सरकार ने इस स्थिति से शिक्षा व्यवस्था को निकालकर आज उसे ऐसी स्थिति में ला दिया है यहां की नकलविहीन  परीक्षा देश के अन्य राज्यों के लिए ’’माडल’’  बन गई है। परीक्षा केन्द्रों के आबंटन से लेकर परीक्षा संचालन तक की गतिविधियों को तकनीक से जोड़ा गया है । दो दो महीने चलनेवाली बोर्ड की परीक्षाएं आज मात्र 12 से 15 दिन में समाप्त हो जाती हैं। अपनी बात जारी रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा  कि अब उत्तर प्रदेश में पर्चे ’’लीक’’ नही होते हैं। कापियों पर भी कोडिंग की व्यवस्था की गई है। कैमरों की निगरानी में परीक्षाओं का संचालन हो रहा है। पूरे परिदृश्य में बदलाव इस प्रकार किया गया है कि व्यवस्था में सुधार हो किंतु शिक्षा की मूल आत्मा में बदलाव न हो। विद्यार्थियों को अन्य राज्यों के बोर्ड के छात्रों से प्रतिस्पर्धा के काबिल बनाने के लिए आजादी के बाद पहली बार पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है तथा एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को लागू किया गया है ।आज उत्तर प्रदेश में एनसीईआरटी की पुस्तकें देश में सबसे कम दामों पर उपलब्ध हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोविद-19 की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश में अब तक आठ करोड़ टीके लगाये जा चुके हैं।उन्होंने दूसरी लहर के दौरान लोगों की मदद करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता की प्रशंसा की और कहा कि जिस समय दूसरी लहर का प्रकोप तेज था। लोगों की मौत हो रही थीं उस समय भाजपा का कार्यकर्ता अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की मदद कर रहा था। किसी को दूध दे रहा था तो किसी का दवा दे रहा था तो किसी को भोजन दे रहा था।सैकड़ों कार्यकर्ता शहीद हो गए पर वे विचलित नही हुए तथा उन्होंने सेवा कार्य जारी रखा।उन्होंने दूसरी लहर के दौरान लोगों की मदद करने में शिक्षक के योगदान की भी प्रशंसा की और उसे देश का प्रहरी बताया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कोरोना की दूसरी लहर की विभीषिका विस्तार से वर्णन किया और कहा कि यद्यपि प्रदेश सरकार के तीन मंत्री कोरोना के कारण नही रहे तथा स्वयं मुख्यमंत्री कोरोना की चपेट में आ गए , अपने पिता के अंतिम संस्कार तक में वे नही गए पर सरकार ने जनता को राहत देने में कोई कोर कसर नही छोड़ी।


उनका कहना था कि उस मुसीबत के समय विरोधी दलों के लोग ट्विटर पर बयान दे रहे थे वे आज अलग अलग वेश में आकर जनता को बरगलाने लगे हैं।उन्होनें कहा कि वे शिक्षकों से यह कहने आए हैं कि समाज के प्रहरी होने के नाते वे समाज को सजग करें और बताएं कि एक तरफ वे लोग हैं जिन्होंने मुसीबत में घर में रहना बेहतर समझा और दूसरी तरफ वे लोग हैं जिन्होंने मुसीबत में भी धैर्य एवं कर्तव्य को नही छोड़ा। शर्मा ने इस अवसर पर यह भी बताया कि वर्तमान सरकार ने पूर्व की सरकार में चलनेवाले माफिया राज को इस प्रकार खत्म किया कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए लालाइत है। इसीलिए कोरोनाकाल में जब सारी दुनिया ठहर गई थी उस समय में भी उत्तर प्रदेश में 56 हजार करोड़ का निवेश आया है जो यह बताता है कि यहां पर कानून का राज है।साढ़े चार साल से पहले केन्द्र की  एक योजना में उत्तर प्रदेश का कोई स्थान नही था और आज भारत सरकार की 44 योजनाएं हैं जिनमें उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है।यह बदलाव है प्रदेश में वर्तमान सरकार में आया है।

उन्होंने गौतमबुद्धनगर के अंतर्गत धूम मानिकपुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन एवं शिक्षा प्रकोष्ठ के कार्यक्रमों में तथा गौतमबुद्धनगर के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में सहभागिता की। डा शर्मा ने  गौतमबुद्धनगर के  धूम मानिकपुर में आयोजित संवाददाताओं  सम्मेलन  में  सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उपरोक्त दोनो कार्यक्रमों में सांसद डा0 महेश शर्मा, विधायक धीरेन्द्र सिहं, विधायक तेजपाल सिंह, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री नवाब सिंह नागर,दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सुनील भराला, एमएलसी श्रीचन्द्र शर्मा, सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग बिजेन्द्र भाटी, एमएलसी उमेश द्विवेदी, जिला अध्यक्ष विजय सिंह भारती आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। गौतमबुद्धनगर  में विभिन्न स्थानों पर पार्टी पदाधिकारी जनपद एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया।

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