तिरंगा यात्रा से घबरा गए मुख्यमंत्री योगी,16 मुकदमे करा दिए मेरे ऊपर- संजय सिंह


लखनऊ। गांधी भवन में रविवार को हुए आम आदमी पार्टी के पंचायत प्रकोष्ठ के 'गांव की समस्या पर सम्मेलन' में 'भाजपा का नकली राष्ट्रवाद बनाम आप का सच्चा राष्ट्रवाद' का मुद्दा गूंजा। मुख्य अतिथि पार्टी के प्रदेश प्रभारी सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार का असली चेहरा सामने लाने के लिए प्रदेश भर में होने वाली तिरंगा यात्रा से घबराई भाजपा को तिरंगा विरोधी बताया।

महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी प्रदेश सरकार आप प्रदेश प्रभारी के निशाने पर रही। किसानों की दुर्दशा और बेरोजगारों की दशा पर कहा, किसान-नौजवान मिलकर भाजपा की जमानत जब्त कराएंगे। नौ महीने से जारी किसान आंदोलन पर बोले- किसानों का नमक खाकर उनसे नमकहरामी करने वाली सरकार देश में चल रही है। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनय पटेल के अध्यक्षीय संबोधन की प्रतिक्रिया में संजय सिंह ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने पंचायत की समस्याओं पर अपनी बात रखी और महज 2 महीने में प्रकोष्ठ को इतना मजबूत बनाया उससे यह स्पष्ट होता है कि वह और उनके साथी 6 महीने में उत्तर प्रदेश से योगी सरकार की विदाई का इंतजाम कर देंगे।  संजय सिंह ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में हमारी तिरंगा यात्रा आयोजित होनी है, लेकिन नकली राष्ट्रवादियों को हमारी यह यात्रा पच नहीं रही। 14 तारीख को अयोध्या में तिरंगा यात्रा है और इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से 'भारतीय जनता पार्टी का नकली राष्ट्रवाद बनाम आम आदमी पार्टी का सच्चा राष्ट्रवाद' जनता को समझाने का प्रयास करेंगे।

भाजपा का राष्ट्रवाद ऐसा उत्तर प्रदेश है जहां डेंगू पीड़ित बेटे को मजबूर बाप कंधे पर लेकर दर-दर घूमता है, उसको इलाज नहीं मिल पाता। कोरोना की महामारी में श्मशान में लकड़ी नहीं मिलती, अस्पतालों में लोगों को दवा, बेड, ऑक्सीजन नहीं मिलता। महिला सुरक्षा की बात करें तो रात को 2:00 बजे गरीब की बेटी को हाथरस में जला दिया जाता है। उत्तर प्रदेश जो भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। आदित्यनाथ जी के राज में जहां जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ का घोटाला, कोरोना की महामारी में घोटाला, कस्तूरबा गांधी में बच्चियों के भोजन और उनके स्टेशनरी के नाम पर घोटाला। राम मंदिर के नाम पर चंदा चोरी तो कभी घर-घर पानी पहुंचाने के नाम पर पानी चोरी, यह भाजपा का नकली राष्ट्रवाद है, नकली राष्ट्रवादी चेहरा है। भाजपा के राष्ट्रवाद में मिड डे मील में मासूमों को नमक रोटी खानी पड़ रही है जबकि आम आदमी पार्टी का राष्ट्रवाद स्विमिंग पूल युक्त एसी कमरे वाले सरकारी स्कूल बनाने की बात करता है।

आम आदमी पार्टी का जो राष्ट्रवाद है वह है मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज, फ्री बिजली, फ्री पानी देना, उत्तर प्रदेश को बेहतर कानून व्यवस्था देकर महिलाओं को सुरक्षा देना। यह बहस पूरे उत्तर प्रदेश में हम चलाएंगे और गांव-गांव तक अपने इस अभियान को पहुंचाएंगे। इसके लिए 14 सितंबर को अयोध्या में होने जा रही तिरंगा यात्रा में तिरंगे की आन बान शान के लिए सभी साथी हर काम छोड़कर पहुंचे।प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने अपने संबोधन में पंचायत प्रकोष्ठ के सभी पदाधिकारियों का अभिनंदन किया और जीते हुए सभी प्रत्याशियों को जीत की बधाई दी। बोले- आम आदमी पार्टी के बारे में लोगों की राय थी कि आप शहरी पार्टी है, लेकिन पंचायत चुनाव के परिणाम में आम आदमी पार्टी को 40 लाख वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों नौजवानों को धोखा दिया है। महिलाओं को सुरक्षा देने में, बेहतर कानून व्यवस्था में, सरकारी स्कूल की बदहाली दूर करने में यह सरकार पूरी तरह से फेल साबित हुई है। कोरोना जैसी महामारी में जो सरकार दवाइयां और बेड न दे पाने वाली योगी सरकार को हटाने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश के 70 फ़ीसदी मतदाता गांव के लोग हैं, जो इस बार 2022 मे भाजपा की विदाई कर देंगे। सम्मेलन में पार्टी के 83 जिला पंचायत सदस्य 300 ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में निर्वाचित हुए बीडीसी सदस्यों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पँचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनय पटेल, प्रदेश महासचिव दिनेश सिंह पटेल, प्रदेश सह प्रभारी ब्रजलाल लोधी, नीलम यादव, वंशराज दुबे, अनूप पांडेय, महानगर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी, इरम शबरेज रिजवी, सुभाषनी मिश्रा, पंकज यादव, बीएन खरे, तुषार श्रीवास्तव, ललित वाल्मीकि हिमांशु त्रिपाठी प्रदेश महासचिव सुभाष टुकड़ा प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नेश पांडे प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित वर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज यादव प्रदेश सचिव आकाश सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक वर्मा अंबेडकरनगर यादव रायबरेली सोमेश्वर सिंह नोएडा जिला अध्यक्ष सहित कई पदधिकारी और कार्यकर्ता शामिल मौजूद रहे।

किसानों की हड्डियां तोड़ने वालों के विरोध में अगर संसद का माइक तोड़ना पड़े तो 100 बार तोडूंगा 9 महीने से जारी किसान आंदोलन पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि जब तीनों काले कानून संसद में आए तो मैंने विरोध में माइक तोड़ दिया। मुझे सस्पेंड किया गया था। मेरी आलोचना भी हुई थी कि आपने पार्लियामेंट केंद्र माइक तोड़ दिया। मैं जानता था कि यह काला कानून किसानों के लिए मौत का फरमान है और यह कानून जब तक वापस नहीं होता किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। किसानों की हड्डियां तोड़ने वालों के विरोध में अगर संसद का माइक तोड़ना पड़े तो 100 बार तोडूंगा। जो लोग आंदोलनकारी किसानों को फर्जी किसान बता रहे हैं वे वही लोग हैं जो किसानों को मवाली, आतंकवादी, खालिस्तानी कहकर इस देश के अन्नदाता को अपमानित करने का काम करते हैं। उनको इस बार देश का अन्नदाता चुनाव में सबक सिखाने का काम करेगा। अपने वोट की ताकत से उनकी जमानत जब्त कराने का काम करेगा। साढ़े 4 साल में गन्ना का दाम ₹1 नहीं बढ़ा। उत्तर प्रदेश में किसानों को फसलों का सही दाम नहीं मिलता।

आजाद भारत के 75 साल के इतिहास में पहली बार 9 महीने लंबे आंदोलन के दौरान 650 किसानों को बलिदान देना पड़ा है, ऐसे में कहना गलत ना होगा कि देश में पहली बार ऐसी निर्दयी सरकार चल रही है। शिक्षकों के सम्मान का दिखावा करने से बेहतर कोरोना में बलिदान देने वाले गुरुजन के परिवारों की मदद करें। संजय सिंह ने मीडिया से हुई बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि योगी राज में पंचायत चुनाव में महामारी की चपेट में आने से 16 सौ से ज्यादा शिक्षकों की मौत हुई। मैं तो कहूंगा उन्होंने अपनी शहादत दी, क्योंकि सरकार ने जबरन उनसे चुनाव ड्यूटी कराई। जब 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके परिवार को देने की बात आई तो सरकार पीछे हो गई। सरकार ने कहा कि सिर्फ 2 शिक्षकों की ड्यूटी के दौरान मौत हुई। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। ऐसे में शिक्षक दिवस पर सम्मानित करने के बजाय, गुरुजन को श्रद्धांजलि देनी है तो जो शिक्षक महामारी के दौरान चुनाव में शहीद हुए हैं उनकी शहादत को नमन करें और उनके परिवार को सहायता मुहैया कराएं।

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