44वीं जूनियर नेशनल हैण्डबाल बालिका चैम्पियनशिप का मुख्य सचिव ने किया उद्घाटन

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा लखनऊ स्थित के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में 44वीं जूनियर नेशनल हैण्डबाल बालिका चैम्पियनशिप का उद्घाटन किया गया। अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि आज के इस अवसर पर आप सभी के बीच मुझे आकर हर्ष का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व ही जापान के टोक्यो शहर में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक एवं पैरा ओलम्पिक में हमारे देश के खिलाड़ियों द्वारा ऐतिहासिक प्रदर्शन किया गया है जो प्रदेश एवं देश के सभी युवा खिलाड़ियों के लिए पे्ररणादायी है।
 
उन्होंने यह भी कहा कि किसी समय यह धारणा थी कि ‘‘खेलोगे कूदोगे तो होगे खराब’’ लेकिन आज के समय में यह धारणा पूरी तरह से परिवर्तित हो चुकी है और शिक्षा सहित विभिन्न गतिविधियों की तरह खेलों को भी बड़ा सम्मान प्राप्त हो रहा है और इन्हीं कारणों से युवा पीढ़ी विभिन्न खेलों की ओर आकर्षित हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे अत्यन्त खुशी है कि उत्तर प्रदेश हैण्डबाल संघ द्वारा प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम में दिनांक 08 से 12 सितम्बर, 2021 तक 44 वीं जूनियर नेशनल हैण्डबाल बालिका चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि उ0प्र0 हैण्डबाल संघ के तत्वाधान में आयोजित जूनियर नेशनल हैण्डबाल चैम्पियनशिप में देश के 26 राज्यों से लगभग 600 महिला खिलाड़ी एवं 100 आफीशियल्स भाग ले रहे हैं और इनमें से कई खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे एवं प्रदेश व देश का नाम रोशन करेंगे।
 
 
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का भी भारतीय हैण्डबाल की प्रगति में बहुत योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कु0 शिवा सिंह, कु0 स्वर्णिमा जायसवाल, कु0 ज्योति शुक्ला, कु0 मंजुला पाठक, कु0 इन्दु आदि खिलाड़ियों ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वर्तमान में जूनियर बालिका टीम में कु0 आफरीन एवं कु0 मोनी अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रतिभाग कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए जहां तीन स्पोर्ट्स काॅलेज लखनऊ, गोरखपुर एवं इटावा में संचालित किये जा रहे हैं, वहीं 19 जनपदों में 44 छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण, भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, आवास, किट आदि निःशुल्क प्रदान किया जाता है। हैण्डबाल खेल में अयोध्या जनपद में 20 बालिकाओं का एवं जनपद अमेठी में 15 बालकों का आवासीय छात्रावास संचालित किया जा रहा है।
 
 
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पूर्व खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण शिविर एवं किट भी प्रदान किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं की खेलों में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम निर्मित कराया जा रहा है। वर्तमान समय में 71 स्टेडियम, 02 मिनी स्टेडियम, 68 बहुउद्देशीय हाॅल, 38 तरणताल, 11 सिन्थेटिक हाॅकी स्टेडियम, 02 फ्लडलाइट सिन्थेटिक हाॅकी स्टेडियम, 25 अत्याधुनिक जिम उपकरण, 06 शूटिंग रेन्ज, 11 सिन्थेटिक टेनिस कोर्ट, 11 कुश्ती हाॅल निर्माणाधीन/पूर्ण हो चुके हैं।उन्होंने कहा कि खेल हमें अनुशासव व एकता की भावना की सीख देने के साथ टीम भावना को भी अपनाने की प्रेरणा देता है। आप यह न सोचे कि मैंने क्या किया, ये सोचे कि टीम ने क्या किया। उन्होंने प्रतिभागी टीमों से आये खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि ये हमारे देश की खेलभावना की खूबसूरती है। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में लखनऊ में टोक्यो ओलम्पिक गेम्स-2020 में पदक विजेता एवं प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को ही नहीं बल्कि पूरे भारत के पदक विजेताओं व चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
 
आज के इस आयोजन तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों से प्रदेश में खेलों के विकास एवं प्रचार-प्रसार के लिए स्वस्थ वातावरण बनेगा। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के खेल-प्रदर्शन देखकर अनके उदीयमान खिलाड़ी उनसे प्रेरणा लेंगे और अपने खेल में और निपुण बन सकेंगे। मुख्य सचिव ने उद्घाटन के बाद खेल शुरू होने से पूर्व उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के हैण्डबाल खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर अपनी शुभकामनाएं दीं। 44वीं जूनियर नेशनल हैण्डबाल बालिका चैम्पियनशिप का प्रथम मैच उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य खेला गया, जिसमें उत्तर प्रदेश ने उत्तराखण्ड को 23-1 गोल से मात दी।

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