फर्जी कूटरचित नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र देकर करोड़ो की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार


लखनऊ। एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को विगत काफी समय से विभिन्न सरकारी विभागों मे फर्जी भर्ती निकालकर व कूटरचित नियुक्ति पत्र, परिचय पत्र के माध्यम से ठगी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इस सम्बन्ध में एस0टी0एफ0 मुख्यालय स्थित साइबर टीम को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

इसी क्रम मे मुख्यालय स्थित टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा अभिसूचना तन्त्र को सक्रिय किया गया। अभिसूचना संकलन के माध्यम से ज्ञात हुआ कि वन विभाग मे फर्जी भर्ती निकालकर राम गोपाल तिवारी निवासी सीतापुर से उनके पुत्र व रिश्तेदारों को वन विभाग उ0प्र0 मे वन दरोगा व वनरक्षक के पद पर भर्ती कराने के नाम पर एक संगठित गिरोह द्वारा लगभग 36 लाख की ठगी करने के सम्बन्ध में थाना हजरतगंज लखनऊ मध्य (कमिश्नरेट लखनऊ) मे अभियोग पंजीकृत कराया गया है। अभिसूचना सकंलन के दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर दिनांक 03.09.2021 को उप निरीक्षक पंकज सिंह के नेतृत्व मे साइबर क्राइम टीम एस0टी0एफ0 मुख्यालय व थाना हजरतगंज पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की संयुक्त टीम द्वारा सी 290 इन्दिरा नगर जनपद लखनऊ से गिरफ्तार किया गया, जिनसे उपरोक्त बरामदगी हुई। 

पछू ताछ में गिरफ्तार अभियुक्त शिवम मेहरोत्रा ने बताया कि वर्ष 2017 मे पलिया रेजं वन विभाग आफिस मे मेरी नियुक्ति संविदा पर कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर हुई थी। वर्ष 2017 में ही पलिया रेजं मे फारेस्ट गार्ड की भर्ती हुई थी जिनके नियुक्ति पत्र जारी हुए थे उनकी एक प्रति मैने अपने पास रख ली थी। 2018 मे पलिया रंजे से संविदा पर नियुक्त कम्प्यूटर आपरेटर को निकाल दिया गया था। इसके बाद नौकरी की तलाश मे मै लखनऊ आ गया लखनऊ के कैसरबाग स्थित क्वीक मैनपावर कन्सेलटेसी के आफिस मे मेरी मुलाकात अरबिंद यादव से हुई वह भी नौकरी की तलाश कर रहा था उससे मेरी मित्रत्रा हो गयी कई महीनो तक नौकरी न मिलने पर मैने व अरविन्द ने एक प्लान बनाया कि वन विभाग का नियुक्ति पत्र मेरे पास है व कुछ आदेश भी मेरे पास हैं जिनसे मिलते जुलते हम लोग भी आदेश बनाकर वन विभाग मे भर्ती निकाल कर कूटरचित नियुक्ति पत्र जारी कर देगे और लोंगो से भर्ती कराने के नाम पर वन दरोगा पद के लिए 03 लाख रूपये वन रक्षक व वनपाल के लिए 1.5 लाख रूपये ले लेंगे।

इसके बाद अरविन्द ने मेरी मुलकात आनन्द सिंह, परीक्षित पाण्डेय, देवेन्द्र पाण्डेय व विजय सिंह से करायी इसके बाद 2018 से अब तक हम लोगो ने 35-40 लोगो को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लगभग 1 करोड़ रूपये की ठगी की मै नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र बना लेता था इन पर अलग अलग रेजं के अनुसार अरविन्द यादव आनन्द सिंह, परीक्षित पाण्डये, देवेंद्र पाण्डेय व विजय सिंह हस्ताक्षर बनाकर कैंडिडेट को देकर पद के अनुसार 1.5 लाख से 3 लाख तक ले लेते थे। जिसके माध्यम से कन्डीडेट आता था उससे और मेरे बीच रूपये आधा-आधा बांट लिया जाता था। यह लोग मुझे लोगो को कन्डीडेट से कन्जरवेटर बताकर परिचित कराते थे जिससे लोग विश्वास करके भर्ती होने को तैयार हो जाते थे। राम गोपाल तिवारी के पुत्र व रिश्तेदारो से हम लोंगो ने लगभग 36 लाख रूपये लिए थे जिसके सम्बन्ध मे अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही हम लोग छिप कर रह रहे थे।

आज सारा दस्तावेज नष्ट करने के लिए हम लोग मीटिंग कर रहे थे कि आप लोगों ने पकड़ लिया। उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्तो को थाना हजरतगंज पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में पंजीकृत मु000 271/2021 धारा 406/420/467/468/471/506 भादवि में दाखिल कर अग्रेतर विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है व वांछित अभियुक्तो की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

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