इलाज से वंचित मरीज की लोहिया इंस्टीट्यूट से प्रतापगढ़ की ओर हुई वापसी

प्रतापगढ़। लोकतंत्र शासन की सर्वश्रेष्ठ प्रणाली इसलिए मानी गई है क्योंकि इसमें कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति को जनता चुनती हैं। एक लोकतांत्रिक समाज में एक आम आदमी की क्या अहमियत रह गई है और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करने वाली योगी सरकार की नाक के नीचे आज डा. राम मनोहर लोहिया इंस्टीटयूट आफ मेडिकल साइंसेज में प्रतापगढ़ जनपद के अंतू कस्बे से इलाज कराने आई कैंसर मरीज फोटो देवी के साथ हुए व्यवहार से समझा जा सकता है।
 
बेहद गंभीर अवस्था की इस मरीज को लोहिया इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी वार्ड ने इलाज करने के बजाय ओपीडी में भेज दिया और वहां से वेंटीलेटर ना होने का बहाना बनाकर वापस घर जाने के लिए कह दिया गया। बताते चले कि 01सितम्बर को भी प्रतापगढ़ जनपद की कैंसर मरीज फोटो देवी को लोहिया इंस्टीटयूट में भरती किया गया था जहां सजिशन उनका बेड किसी और को दे दिया गया था। इस कुकृत्य का मरीज के पुत्र एवं सहायक योगेंद्र मिश्र और भूपेंद्र मिश्रा ने विरोध किया , जिसके बाद पूरे मामले में लीपापोती करके इलाज कर दिया गया।
 
 
आज मरीज को लेकर जब योगेंद्र और भूपेंद्र लोहिया इंस्टीटयूट में आए तब आपात कक्ष में कार्यरत किसी चिकित्सक / कर्मचारी ने इनको पहचान लिया और कहा कि हम लोगों की शिकायत किए हो, अब यहां कोई इलाज नहीं होगा बाकी चाहे जहां जाओ। इसके बाद योगेंद्र – भूपेंद्र अपनी माता को लेकर ओपीडी आए जहां उनको इलाज के नाम पर निराशा ही हाथ लगी और फिर चिकित्सा से वंचित की गई अपनी माता को लेकर वे प्रतापगढ़ वापस चले गए।

... नैमिष प्रताप सिंह ...

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