मृत्यु तो हम सबको आनी है

 
जिसका अटल विश्वास होता है, उसका कोई काम रूकता नहीं। मृत्यु और जानलेवा बीमारी के अलावा जीवन की अधिकतर समस्याओं का हल, समय आने पर, हमें मिल ही जाता है मृत्यु तो हम सबको आनी ही आनी है जिसका समय और परिस्थितियां ईश्वर ने तय किया हुआ है और जानलेवा बीमारी से तो हम लोगों ने बहुत से लोगों को बाहर आते भी देखा है।
 
इसलिए भगवान में विश्वास रखना है की वो जो भी हमारे साथ कर रहा है उसमें हमारा कुछ ना कुछ हित ही होगा वैसे महाराज जी ये उपदेश भक्तों को संभवतः उस समय के लिए दे रहे हैं जब हम मुसीबत में होते हैं, कष्ट झेल रहे होते हैं, संघर्ष कर रहे होते हैं क्योंकि उस समय हमारा धैर्य कभी -कभी साथ नहीं देता हम अधीर हो जाते हैं। हमारा विश्वास उस सर्वशक्तिशाली परम आत्मा में डगमगाने लगता है जिसने हमें हमारे ही पूर्व कर्मों के फलस्वरूप ऐसी परिस्थिति में डाला है क्या पता जिन कर्मों का फल या प्रारब्ध का सामना हम वर्तमान में कर रहे हैं, भगवान की व्यवस्था/लीला के हिसाब से उसकी अवधि अभी पूरी नहीं हुई हो ये भी हो सकता है कि हमारे वर्तमान की कठिनाइयों से निकलने के लिए जिन परिश्थितियों की आवश्यकता हो उसका समय भगवान की इस लीला के हिसाब से अभी नहीं आया हो और ना जाने जाने क्या क्या कारण हो सकते हैं। इन सबका ज्ञान तो केवल ईश्वर को या महाराज जी को होता है।
 
ऐसी परिस्थितियों में कभी -कभी हमें महाराज जी की उस महत्वपूर्ण बात का भी ध्यान नहीं रहता की उन्होंने हमें थामा हुआ है (यदि हमने उनकी सच्ची भक्ति की है) इसलिए अंततः हमारा अहित हो ही नहीं सकता ये परम सत्य है की वो परम आत्मा हमें हमारे कर्मों का फल देता अवश्य है सबको लेकिन वो किसी का बुरा भी नहीं चाहता वो इस बात को संभवतः ध्यान में रखता है की महाराज जी के सच्चे भक्त हर परिस्थिति में महाराज जी के हुकुम से ही होते हैं उनकी छत्रछाया में होते हैं बस भक्त को इस बात में विश्वास रखना है। इस बात को अपने आप को याद दिलाते रहना है महाराज जी के लिए हमारी सच्ची भक्ति उनके उपदेशों पर चलने में ही है, ईमानदार कोशिश तो करनी ही होती है महाराज जी के सच्चे भक्त का कोई काम रुकता नहीं है सही समय पर सब काम ठीक हो ही जाता हैअब उसका स्वरुप और समय कभी -कभी वो नहीं होता है जो हम चाहते हैं, पर वो होता जो हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए उपयुक्त होता है इसका ज्ञान को केवल महाराज जी को और उस सर्वज्ञ परम आत्मा को ही होता है तब तब हमें धैर्य रखना होगा महाराज जी में हमारा विश्वास ही हमें सब्र करने की ताकत देता है, धैर्य देता है। 
 
 
महाराज जी सबका भला करें!

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