डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के कार्यों में लाई जाये तेजी- मुख्य सचिव

लखनऊ। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे तथा डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के निर्माण की प्रगति समीक्षा की गई। अपने संबोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि निर्माणाधीन एक्सप्रेसवेज निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूरे किये जायें।

उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पम्प, टॉयलेट एवं रेस्टोरेन्ट आदि के कार्य भी साथ-साथ सुनिश्चित किये जायें। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर साइनेज बोर्ड लगाने के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिये। बैठक में एक्सप्रेसवेज एवं डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के निर्माण की प्रगति का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया गया कि 31 अगस्त, 2021 तक बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का करीब 72 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। यमुना में एक साइड का पुल रिकार्ड 18 माह में तैयार किया गया है। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 296.70 किमी में से 217 किमी में बिटुमिन स्तर पर कार्य पूरा हो गया है अर्थात 217 किमी सड़क तैयार हो गई है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का मेन कैरिजवे 31 दिसम्बर, 2021 तक यातायात के लिए खोल दिया जायेगा।

एक्सप्रेसवे में दीर्घ सेतु 82 प्रतिशत, आरओबी 54 प्रतिशत तथा फ्लाईओवर्स का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। 443 कलवर्ट, 170 अंडरपास तथा 59 लघु सेतुओं का निर्माण पूरा कर लिया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि परियोजना की भौतिक प्रगति 98.10 प्रतिशत है तथा अवशेष कार्य द्रुत गति से चल रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत कलवर्ट, लघु सेतु, अंडरपास, दीर्घ सेतु तथा आरओबी के शत-प्रतिशत कार्य पूरे कर लिये गये हैं। 22 में से 21 फ्लाईओवर्स का भी निर्माण पूरा हो गया है, अवशेष 01 फ्लाईओवर का कार्य 20 सितम्बर, 2021 तक पूरा हो जायेगा। पेट्रोल पम्प के लिए भूमि आवंटित कर दी गई है। साइनेज/बोर्ड लगाने का कार्य प्रगति पर है। टॉयलेट 15 अक्टूबर, 2021 तक बनकर तैयार हो जायेंगे। मेन कैरिजवे में बिटुमिन का काम पूरा हो गया है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि 31 अगस्त, 2021 तक करीब 28 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। मेन कैरिजवे को 31 दिसम्बर, 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 31 अगस्त, 2021 तक 107 कलवर्ट, 65 अंडरपास तथा 03 लघु सेतु का निर्माण पूरा कर लिया गया है। दीर्घ सेतु करीब 14 प्रतिशत तथा फ्लाईओवर्स करीब 29 प्रतिशत पूरे हो गये हैं तथा अवशेष कार्य बड़ी तेजी से चल रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि करीब 93 प्रतिशत भूमि का क्रय/अधिग्रहण किया जा चुका है। परियोजना की कुल लम्बाई 594 किमी है। एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए टेण्डर प्रक्रिया प्रचलित है तथा आगामी 25 अक्टूबर, 2021 को तकनीकी बिड खोला जाना प्रस्तावित है। परियोजना के अंतर्गत 06 लेन चौड़ी सड़क जोकि 08 लेन विस्तारणीय होगी का निर्माण किया जायेगा तथा संरचनायें 08 लेन चौड़ाई की बनाई जायेंगी।

एक्सप्रेसवे के राइट ऑफ-वे की चौड़ाई 130 मी तथा एक्सप्रेसवे के एक ओर 3.75 मी0 चौड़ाई की सर्विस रोड भी प्रस्तावित है। डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरीडोर की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि 31 अगस्त, 2021 तक 74.401 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिसमें करीब 8000 करोड़ रु0 का निवेश एवं करीब 17000 रोजगार संभावित हैं। अलीगढ़, कानपुर एवं झांसी में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण प्रगति पर है तथा चित्रकूट, लखनऊ व आगरा में प्रक्रियाधीन है। अलीगढ़ एवं कानपुर में 2-2 बोरवेल एवं 1-1 ओवरहेड टैंक का निर्माण चल रहा है। अलीगढ़ नोड में बाउण्ड्रीवाल का निर्माण शुरू हो गया है। कानपुर नोड में बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिए टेण्डर प्रक्रिया प्रचलित है। अलीगढ़ एवं कानपुर में सड़क का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

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