मंत्री टेनी की बर्खास्तगी के बिना संभव नहीं है मामले की निष्पक्ष जांच- संजय सिंह

लखनऊ। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह लखीमपुर कांड में मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने के लिए रविवार देर रात लखनऊ से रवाना हुए तो उन्हें सीतापुर में भारी पुलिस बल लगाकर रोक लिया गया। सांसद को हिरासत में लेकर पुलिस एक स्थानीय गेस्ट हाउस में ले गई है, जहां उन्हें नजरबंद कर दिया गया है।
 
वहीं से वीडियो बयान जारी करके सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार से सवाल पूछा है कि क्या उनके राज में निर्दोष किसानों की हत्या के बाद शोक संवेदना जताने के लिए जाना भी अपराध हो गया है, आखिर उन्हें किस अपराध में इस तरह गिरफ्तार किया गया है? राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की निगरानी में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। बोले- आरोपों के घेरे में आए मंत्री पुत्र पर हत्या का मुकदमा दर्ज करके उसकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद से अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त किया जाए।
 
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी संजय सिंह को वापस भेजने के लिए लगातार उन पर दबाव बना रहे थे मगर आप के प्रदेश प्रभारी लखीमपुर जाने के लिए अड़े हुए हैं। गेस्ट हाउस के चारों तरफ भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। संजय सिंह को इस तरह बीच राह रोक कर गिरफ्तार किए जाने से से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी आक्रोशित हैं। वहां लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। आप नेता अफसरों से पूछ रहे हैं कि क्या योगीराज में किसी की मौत के बाद शोक संवेदना जताने जाना भी अपराध है जो हमारे प्रदेश प्रभारी सांसद संजय सिंह को इस तरह से पुलिस लगाकर लखीमपुर जाने से रोका जा रहा है।

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