काफी लोकप्रिय हो रही है 'ई- स्टाम्पिंग' व्यवस्था आम नागरिक के बीच

लखनऊ ई-स्टांपिंग अब राज्य के सभी जिलों की तहसीलों पर उपलब्ध है। राज्य सरकार इसे सरल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जनवरी 2020 से अब तक लगभग 5383 नए एसीसी नियुक्त किए हैं। ऐसे एसीसी की सूची उनके नाम और मोबाइल नंबर के साथ प्रत्येक तहसील में उप निबंधक कार्यालय में उपलब्ध है।

यह जानकारी वेबसाइट www.igrsup.gov.in और www.shcilestamp.com पर भी उपलब्ध है। यह जानकारी देते हुए महानिरीक्षक निबंधन डॉ रोशन जैकब ने बताया कि ई-स्टाम्पिंग राज्य में गैर-न्यायिक स्टाम्प शुल्क का भुगतान करने का एक बहुत ही सुविधाजनक तरीका है। आम जनता की सहायता के लिए स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने भी सभी जिला मुख्यालयों अपना हेल्पडेस्क शुरू किया है। आने वाले कुछ दिनों में इन सभी काउंटर से रुपये 500 तक के मुल्य के ई-स्टाम्प क्रय किये जा सकते हैं। किसी भी राज्य में १०, ५० और १०० रुपये के स्टाम्प पेपर की माँग सबसे अधिक होती है क्योंकि इन मूल्यवर्ग के स्टाम्प पेपर का उपयोग कई लेखपत्रों में किया जाता है और चालू वित्तीय वर्ष में ,अब तक एक करोड़ इकतीस लाख ई-स्टाम्प प्रमाण पत्र जारी करना इसकी उपलब्धता का प्रमाण है।

राज्य सरकार पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरल व आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। डॉ जैकब ने बताया कि उत्तर प्रदेश ,ऋण पत्र और बैंक गारंटी प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बैंकों के लिए डिजिटल ई-स्टैम्पिंग शुरू करने वाले पहले कुछ राज्यों में से एक है। इसके साथ ही खरीदे गए e-Stamp की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए आम जनता को सुविधा भी उपलब्ध है। www.igrsup.gov.in or www.shcilestamp.com पर जाकर खरीदे गए ई-स्टाम्प के प्रामाणिकता की जाँच  कर सकते है। स्टॉकहोल्डिंग द्वारा विकसित ई-स्टांपिंग के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रमाणपत्रों पर छपे बारकोड को स्कैन करके भी इसकी जांच की जा सकती है।

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