मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य गंगा समिति की 8वीं बैठक आयोजित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में राज्य गंगा समिति/गवर्निंग परिषद की 8वीं बैठक आयोजित की गयी। अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे संचालित सीवरेज परियोजनाओं का समयबद्ध लक्ष्य निश्चित कर निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कराए जाएं।
 
उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं जो विलम्ब से चल रही हैं, उनका विश्लेषण कर विलम्ब हेतु उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जाये तथा उक्त कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में भूमि विवाद या प्रकरण मा0 न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन समस्त प्रकरणों में समन्वय कर शीघ्र एवं तत्परता से निस्तारित कराया जाये। उन्होंने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में मिलने वाले नालों की परियोजना के अन्तर्गत टैप करने से पूर्व व टैप करने के बाद जल गुणवत्ता का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारें अवस्थित सभी जनपदों में जिला गंगा समितियों का गठन शीघ्र किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि अवशेष 13 जनपदों के जिलाधिकारियों से नामित सदस्यों के नाम शीघ्र प्राप्त कर लिए जायें। राष्ट्रीय गंगा परिषद के निर्देशों के क्रम में अर्थ गंगा की अवधारणा के अन्तर्गत विभागीय कार्य योजनाएं व्यापक रूप से तैयार करने के साथ-साथ राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के द्वारा एक वृहद वार्षिक कार्य योजना तैयार की जाये।
 
अर्थ गंगा की अवधारणा में कितने लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है, उसका डेटा तैयार किया जाये। मुख्य सचिव ने कहा कि गंगा नदी के किनारें अवस्थित जनपदों एवं ग्राम पंचायतों को अर्थ गंगा की अवधारणा से जोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे विभाग जिनके द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है, उनको सूचीबद्ध कर विभागवार किये गये कार्यों का प्रचार-प्रसार/प्रस्तुतीकरण किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा की स्वच्छता, अविरलता व निर्मलता को अक्षुण्य बनाये रखने हेतु अभिनव प्रयोग के माध्यम से प्रचार-प्रसार की गतिविधियां संचालित की जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थित विश्वविद्यालय, कॉलेजों एवं स्कूलों को नमामि गंगे कार्यक्रम से जोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार की गतिविधियों को जनपदवार विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा पी.पी.पी. मॉडल पर कतिपय परियोजनाओं को विकसित करने हेतु प्रयास किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एन0जी0टी0) में लम्बित वादों की प्रभावी पैरवी व पारित आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।

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