लखनऊ की साहित्यकार को साहित्य संचय शोध फाउंडेशन ‘शब्द श्री’ सम्मान किया गया प्रदान


प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘साहित्य संचय शोध फाउंडेशन’ ने देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों /लेखकों को ‘शब्द श्री’ सम्मान प्रदान किया है। सम्मानित साहित्यकारों में अंतरराष्ट्रीय भाषा वैज्ञानिक, लेखक, आलोचक और इतिहासकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह, हिंदी और भोजपुरी के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोरख प्रसाद मस्ताना, वरिष्ठ कथाकार विमलेश गंगवार, प्रसिद्ध युवा कवयित्री डॉ. अनुराधा ओस, युवा कथाकार रण विजय, हिंदी और अंग्रेजी की वरिष्ठ साहित्यकार नीलम सक्सेना चंद्रा, युवा लेखक तेज प्रताप नारायण, डॉ. अनिता कपूर, सलिल सरोज, शिव शंकर एहसास और जय प्रकाश पांडेय का नाम प्रमुख है।

साहित्य संचय और दिल्ली विश्वविद्यालय के जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज के तत्वावधान में 30 और 31 अक्टूबर को  आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन के समय सम्मान समारोह में यह प्रदान किया गया। इसमें देश के अनेक साहित्यकार, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक और शोधार्थियों ने ‘समकालीन रचना एवं रचनाकार’ विषय पर चर्चा में भाग लिया । लखनऊ की वरिष्ठ समकालीन साहित्यकार विमलेश गंगवार को उनके लिखे हुए उपन्यास सिसकती झेलम तथा कहानी संग्रह के लिए  ‘शब्द श्री ‘प्रदान किया गया ।

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