जीवन का प्रत्येक क्षण मनुष्य को ईश्वर से वरदान स्वरुप मिला है


जीवन का प्रत्येक क्षण मूल्यवान है हर क्षण मनुष्य को ईश्वर से वरदान स्वरुप मिला है समय चक्र के क्षण अति सूक्ष्म अवश्य हैं किंतु इसमें असीमित संभावनाएं छुपी है।

इसलिए मनुष्य को जीवन के हर क्षण को उपहार मानकर उसका प्रसन्नता पूर्वक उपयोग करना चाहिए समय का प्रयोग हमें किस प्रकार करना है इसका उत्तर हमें स्वयं खोजना पड़ेगा हमारा प्रयास हो कि हम हर क्षण का सुनियोजित एवं सार्थक लाभ लें।

समय चक्र का प्रत्येक क्षण समान तो नहीं हो सकता इसमें भिन्नता प्रकृति प्रदत्त है कोई क्षण आनंद की अनुभूति दे जाता है तो कोई अवसाद लेकर आता है हर कठिन क्षण का सामना रात्रि की भांति करना चाहिए कि आने वाले क्षणों में सुप्रभात अवश्य होगा।

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