नींव की सुरक्षा में बिछाए जाएंगे ग्रेनाइट की लेयर


अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे राफ्ट निर्माण का कार्य 15 जनवरी तक पूरा किए जाने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही प्लिंथ निर्माण से पहले ग्रेनाइट पत्थरों की लेयर को बिछाए जाने का भी नया ग्राफ तैयार किया गया है इस कार्य के लिए मंदिर निर्माण की निगरानी को लेकर बनाई गई इंजीनियरों की समिति की रिपोर्ट के बाद निर्माण समिति के द्वारा फैसला लिया जाएगा।

राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण पर देश के टॉप इंजीनियर चलने निर्माण कार्य पर रिसर्च कर रहे हैं। यही कारण है कि लगातार मंदिर की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर आंशिक बदलाव भी किया जा रहा है दरअसल मंदिर निर्माण में नींव भराई के कार्य के बाद चल रही राफ्ट निर्माण में बदलाव किये जाने के बाद प्लिंथ निर्माण से पहले नई योजना को शामिल किया है। जिससे भविष्य में राम मंदिर व उनकी नींव को भी सुरक्षित रखा जा सके।राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में राफ्ट बनाए जाने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें इंजीनियरों के द्वारा बताए गए नियमानुसार धुलाई की जा रही है। तो वहीं जानकारी दी।

15 जनवरी तक 30 तारीख को पूरा किए जाने के बाद प्लिंथ निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा जो कि लगभग 20 फुट ऊंची प्लिंथ का ढाली जाएगी। वही कहा कि इस बीच एक नया विचार सामने आया है जिसमें राफ्ट के ऊपर प्रिंट निर्माण से पहले ग्रेनाइट पत्थरों की लेयर बिछाई जाए और नींव के चारों तरफ भी ग्रेनाइट को लगाया जाए। ग्रेनाइट पत्थरों को लगाए जाने से पानी के रिसाव को रोका जा सकता है। जिस पर मंथन किया जा रहा है। वही बताया कि प्लिंथ के निर्माण में लगने वाले मिर्जापुर के बलुआ पत्थर पानी को सोखता है। इसलिए मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए पानी से बचने के लिए ग्रेनाइट के पत्थरों को लगाया जाए। जिस पर चर्चा की जा रही है। मंथन के बाद सबकी सहमति पर यह कार्य किया जाएगा।

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