अयोध्या की छप्पन भोग पूजा, मंदिरों में भोग के समय भगवान को सुनाई जाती है गारी


अयोध्या। परंपरा के अनुसार दीपावली के दूसरे दिन अर्थात परिवा को राम की नगरी अयोध्या में अन्नकूट महोत्सव की धूम देखने को मिली। यहां के हर छोटे बड़े मंदिर में भगवान श्रीराम को 56 प्रकार के भोज्य पदार्थों का भोग लगाकर उनका पूजन अर्चन किया गया। इस प्रसाद की विशेष गरिमा होने के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहर से आकर श्रद्धालुओं ने इसे ग्रहण किया।

वैसे तो अन्नकूट उत्सव को ब्रज क्षेत्र में गोवर्धन पूजा के साथ जोड़कर देखा जाता है। वहां ऐसी मान्यता है कि इंद्र के प्रकोप से गोवर्धन पर्वत उठाकर जब भगवान कृष्ण ने ब्रज वासियों की रक्षा की थी तब ब्रज के लोगों ने गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण की पूजा कर उनके प्रति आभार छप्पन भोग अर्पित कर जताया था। लेकिन अयोध्या और अवध क्षेत्र में अन्नकूट महापर्व की स्थापना को भगवान राम के लंका विजय कर अयोध्या लौटने के बाद उनके भव्य राज्याभिषेक से जोड़कर देखा जाता है।ऐसी मान्यता है कि भगवान के राज्याभिषेक के उपरांत उनको छप्पन भोग अर्पित किए गए थे। इस परंपरा के परिपालन में अयोध्या के छोटे बड़े हर मंदिर में भगवान को छप्पन भोग अर्पित करने का सिलसिला आज भी जारी है।

इस वर्ष भी अयोध्या में अन्नकूट महापर्व की धूम देखने को मिली।यहां के हर एक मंदिर में क्षमता अनुसार अपने आराध्य भगवान राम की सेवा में यह भोग अर्पित किया गया। प्रमुख रूप से बड़ा भक्तमाल ,राम बल्लभा कुंज, हनुमानबाग ,झुंकी घाट, सियाराम किला, लक्ष्मण किला मणिराम दास की छावनी, बिरला मंदिर व राजगोपाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यह प्रसाद ग्रहण किया। इन मंदिरों में भगवान का विशेष श्रृंगार कर पूजन अर्चन के बाद भोग का समर्पण हुआ। इलाकाई भाजपा सांसद लल्लू सिंह, नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त ,जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रताप सिंह टिल्लू ,जिला अध्यक्ष संजीव सिंह ,महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा व पूर्व जिला अध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल सहित बड़ी संख्या में विशिष्ट लोग भी इस महोत्सव में शामिल हुए।

राज गोपाल मंदिर में अयोध्या के शीर्ष अध्यात्म पुरुष महंत कौशल किशोर दास फलाहारी ने गर्भ गृह में विराजमान भगवान राम की पूजा अर्चना की। राज गोपाल मंदिर में महंत बृजमोहन दास, महंत भीम दास, महंत अखिलेश दास के साथ भाजपा के सुभाष व विशाल और विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के विद्वान आचार्य गण उपस्थित रहे। बिरला मंदिर में यह पर्व प्रबंधक पवन सिंह की देखरेख में भव्यता के साथ मनाया गया।यहां महापौर ऋषिकेश उपाध्याय कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वीरू तिवारी व पूर्व महानगर अध्यक्ष सुनील पाठक की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे तेज नारायण पांडे पवन ने भी सरयू तट स्थित कर्तव्य भजन आश्रम, हरिराम गोपाल मंदिर आदि का भ्रमण कर संतों का आशीर्वाद लिया।रसिक संप्रदाय के मंदिरों में अन्नकूट का उत्सव अपने खास अंदाज में मनाया गया।

इस संप्रदाय के मंदिरों में शामिल लक्ष्मण किला, सियाराम किला, झुनकी घाट हनुमत सदन ,हनुमत निवास हनुमत भवन ,हनुमत हरिराम सदन ,जानकी घाट,बड़ा स्थान गोलाघाट ,वैदेही बल्लभ कुंज आदि हैं।इन मंदिरों में भगवान राम की प्रतिष्ठा दामाद के रूप में होती है। इस संप्रदाय के लोग स्वयं को जानकी जी के पक्ष का मानते हैं। अपनी परंपरा के अनुसार इन मंदिरों में छप्पन भोग के समय भगवान को लोक परंपरा के अनुरूप गारी गाई गई। सुरुचिपूर्ण रसिक संतो द्वारा लिखे गए पदों के माध्यम से भगवान का वंदन अभिनंदन किया गया। अयोध्या के प्रमुख मंदिर कनक भवन और गुप्तार घाट स्थित पंचमुखी महादेव में अन्नकूट का पर्व दूसरी बेला में शाम को धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं की इस आमद रफ्त के कारण अयोध्या नगरी एक तरह से पूरे दिन यातायात जाम की समस्या से दो-चार रही।

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