रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा के लिए तैयार होगा हाईटेक सुरक्षा प्लान


अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की धर्मनगरी अयोध्या की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से खाका खींचा जा रहा है। इसमें श्रीराम जन्मभूमि परिसर के साथ-साथ सभी प्रमुख मंदिरों और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग की परिधि के भीतर तक के दायरे को शामिल किया गया है, ऐसा पहली बार हुआ है कि श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा को लेकर होने वाली सुरक्षा परिषद की बैठक में एक विस्तृत सुरक्षा प्लान पर चर्चा हुई है।

इसमें पर्यटकों और दर्शनार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ उच्च अधिकारियों ने गहन मंत्रणा की. इसी के साथ श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में दर्शन अवधि बढ़ाने और आवागमन के लिए अन्य मार्ग निर्माण करने को लेकर भी ट्रस्ट को सुझाव दिए गए हैं। दरअसल, पहले श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा का मूल बिंदु वह अस्थाई राम मंदिर था जहां भगवान राम लला विराजमान हैं, लेकिन अब जहां भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर बन रहा है उस स्थल की सुरक्षा के साथ-साथ पूरी राम जन्म भूमि परिसर की सुरक्षा के लिए एक बृहद प्लान तैयार किया जा रहा है. इसमें दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे बिना किसी परेशानी के सुरक्षित दर्शन, सुरक्षा जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल, पूरे श्रीराम जन्मभूमि परिसर पर निगाह रखने के लिए उपकरणों का इंस्टॉलेशन, एक अत्याधुनिक और हाईटेक कंट्रोल रूम की स्थापना करने की तैयारी है।

सुरक्षा व्यवस्था में ऐसा लचीलापन जिससे समय-समय पर उसे आसानी से अपग्रेड किया जा सके, यही नहीं सुरक्षा व्यवस्था के इस नए प्लान में 2023 के अंत में जब स्थाई श्रीराम मंदिर में पूजा अर्चना शुरू होगी उस समय दर्शनार्थियों की बढ़ी संख्या और उसके मुताबिक सुरक्षा प्लान को लगातार अपग्रेड करने की सोच भी शामिल है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर से सुरक्षा पर अहम बैठक के बाद निकले एडीजी जोन एसएन साबत ने कहा कि अयोध्या की सुरक्षा हमारे लिए हमेशा महत्वपूर्ण रही है। एक मैक शिफ्ट मंदिर में राम लला विराजमान हैं और साथ-साथ मंदिर का कंट्रक्शन भी चल रहा है, यह जाहिर सी बात है कि दोनों जगह की सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहां पर सुरक्षा का स्ट्रक्चर हम लोग किस प्रकार इनबिल्ट कर सकते हैं उसके सिस्टम में उसके बारे में हम लोग प्लान बना रहे हैं। योजना बना रहे हैं उसके साथ साथ जो हमारा निर्माण कार्य चलेगा उसी के दौरान विशेष ध्यान रखने के लिए किस प्रकार का गैजेट्स इस्तेमाल होगा, उसके बारे में ट्रस्ट के लोगों के साथ उच्चाधिकारियों का विचार विमर्श हुआ है।

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