नकल माफ‍िया को रोजगार दे रही सरकार - वंशराज दुबे



लखनऊ : यूपीटीईटी की परीक्षा में जिस प्रकार से मास लेवल पर प्रश्न पत्र लीक हुए हैं, उसको देखकर एक बात तो साफ है इतने बड़े लेवल पर यह काम बिना सरकार के मिलीभगत के नहीं हो सकता। परीक्षा होने के 12 घंटे के पहले प्रश्न पत्रों का वाट्सएप पर और समस्त सोशल मीडिया पर वायरल होना यह दर्शाता है की इसमें सरकार और सरकारी अधिकारियों के मिलीभगत के बिना यह कार्य संभव है। शिक्षक भर्ती न निकालने के लिए यूपीटीईटी की परीक्षा जानबूझकर लीक कराया गया है जिससे अगले 1 महीने के अंदर सरकार चुनाव में चली जाए और भर्ती निकालने से बच जाए। इस तरह से योगी आद‍ित्‍यनाथ की सरकार परीक्षा की तैयारी करने वाले नौजवानों को नहीं, नकल माफियाओं को रोजगार देने का काम कर रही है। सोमवार को ये बातें आम आदमी पार्टी की छात्र एवं युवा इकाई (सीवाईएसएस) के प्रदेश अध्‍यक्ष वंशराज दुबे ने कहीं। 

उन्‍होंने कहा क‍ि सरकार में आने से पहले भाजपा का वादा 70 लाख रोजगार देकर प्रदेश को नौकरियों के मामले में नंबर वन बनाने का था, लेक‍िन सरकार में आने के बाद भाजपा ने यूपी को पेपर लीक में नंबर वन बना द‍िया। अगस्त 2017- सब इंस्पेक्टर पेपर लीक, फरवरी 2018-यूपीपीसीएल पेपर लीक, अप्रैल 2018-यूपी पुलिस का पेपर लीक, जुलाई 2018-अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड का पेपर लीक, अगस्त 2018-स्वास्थ्य विभाग प्रोन्नत पेपर लीक, सितंबर 2018-नलकूप  आपरेटर पेपर लीक, 41520 सिपाही भर्ती पेपर लीक, जुलाई 2020-69000 शिक्षक भर्ती पेपर लीक, अगस्त 2021-बीएड प्रवेश परीक्षा पेपर लीक, अगस्त 2021-पीईटी पेपर लीक, अक्टूबर 2021-सहायता प्राप्त स्कूल शिक्षक/प्रधानाचार्य पेपर लीक, अगस्त 2021-यूपीटीजीटी पेपर लीक, नीट पेपर लीक, एनडीए पेपर लीक, एसएससी पेपर लीक और अब यूपीटीईटी पेपर लीक। 

वंशराज ने कहा क‍ि ताजा मामला देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने जानबूझकर इस परीक्षा के प्रश्न पत्र को लीक किया जिससे वह शिक्षक भर्ती निकालने से बच जाए क्योंकि अगर टीईटी की परीक्षा आज नहीं हुई तो 1 महीने बाद कराने के बाद उसका परिणाम आते आते सरकार चुनाव में होगी और शिक्षक भर्ती ठंडे बस्ते में। सरकार ने जानबूझकर लोगों को ठगा है जिन छात्रों ने मेहनत की उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। छात्र सैकड़ों किलोमीटर पहले गए ठंड में रात गुजारी और सुबह जब पेपर देने पहुंचे तो पता चला पेपर लीक हो गया। उसके बाद सरकार ने छात्रों के साथ एक भद्दा मजाक किया, कहा कि छात्रों को घर आने जाने का कोई किराया नहीं पड़ेगा जबकि सैकड़ों छात्रों द्वारा वीडियो डाला गया और शिकायत की गई क‍ि उनसे पैसों की वसूली की गई है क्योंकि बस कंडक्टर ने कहा उसे कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। इससे पहले भी सभी परीक्षा में  प्रश्नपत्र लीक होते रहना यह दर्शाता है कि सरकार पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने में नाकाम है।


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