चित्रकूट में प्रियंका गाँधी ने भरी हुंकार- उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद न आयेंगे

चित्रकूट कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने आज चित्रकूट के रामघाट पर लड़की हूँ-लड़ सकती हूँ संवाद को संबोधित करते हुए महिलाओं से उत्तर प्रदेश को बदहाली से निकालने के लिए संघर्ष में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने एक कविता पढ़ते हुए कहा कि ‘‘उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद न आयेगा!’’ प्रियंका गाँधी ने कहा कि महिलाओं को अपनी हालत बदलने के लिए ख़ुद संघर्ष करना होगा, कांग्रेस पार्टी हर क़दम पर उनके साथ है। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि अगले चुनाव में वे आंख मूंद कर महिलाओं को वोट दें।

आगामी चुनाव में महिलाओं को 40 फ़ीसदी टिकट देने सहित तमाम प्रतिज्ञाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार बनने पर पुलिस में एक चौथाई महिलाओं को भर्ती करने और महिलाओं की शिकायत न सुनने वाले अधिकारी को दस दिन में सस्पेंड करने के अलावा एक विशेष आयोग के गठन के ऐलान पर विचार चल रहा है। यह जानकारी देते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन रावत ने बताया कि आज दोपहर माता चित्रकूट के ऐतिहासिक मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद जब प्रियंका गाँधी रामघाट पहुँचीं तो वहां मौजूद हज़ारों महिलाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। संवाद शुरू करते हुए कांग्रेस महासचिव ने पहले वहां मौजूद विभिन्न वर्गों की महिलाओं से उनका दुख दर्द सुना और फिर अपनी बात कही। माता अनसुईया, माता सीता प्रभु राम और मदाकिनी मइया को नमन करने के साथ अपनी बात शुरू करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि कभी रानी लक्ष्मीबाई ने देश की आजादी के लिए लड़ते हुए कुर्बानी दी थी, आज की महिलाएं खेतों से लेकर फैक्ट्री तक में काम करती हैं।

स्कूलों और अस्पतालों में मेहनत करती हैं। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना हुनर दिखा रही हैं लेकिन उन पर अत्याचार होता है। गरीब महिलाएं नल से पानी पाने के लिए भी संघर्ष करती हैं और किसान महिलाएं अपनी फसल के दाम, और बीज-खाद से होने वाली परेशानियों के बीच घर को संभालती हैं। महंगाई का बोझ भी उस पर ही पड़ता है। तेल से लेकर रसोई गैस तक की महंगाई के बीच उसे ही घर चलाना होता है। महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि लाकडाउन के दौरान लाखों मजदूर पैदल बुन्देलखण्ड लौटने को मजबूर हुए तब कांग्रेस के तमाम प्रयासों के बावजूद मोदी सरकार ने बसों का इन्तजाम नहीं किया, अब उनकी रैली के लिए हजारों सरकारी बसों का इन्तजाम किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड के लोगों का दर्द न महसूस करने वाले यहां पर वोट मांगने आ रहें हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्थिति में तब तक सुधार नहीं होगा जब तक फ़ैसले लेने वाली जगहों पर महिलाएं नहीं होंगी। कांग्रेस ने इसी लिए चुनाव में 40 फ़ीसदी टिकट महिलाओं को देने का ऐलान किया है।

महिलाएं ही महिलाओं का दर्द समझ सकती हैं और जब विधानसभा में बड़ी तादाद में महिलाएं होंगी तो उनके पक्ष में नीतियां भी बनेंगी। उन्होंने महिलाओं से संघर्ष में आगे आने का आह्वान करते हुए ये कविता पढ़ी-

सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद न आएंगे,
कब तक आस लगाओगी तुम बिके हुए अखबारों से,
कैसी सुरक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से!

रावत ने बताया कि महासचिव प्रियंका गांधी ने शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहीं आशा बहनों की बर्बर पुलिस पिटाई का ज़िक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में उन्हें उनका हक नहीं मिल सकता। बकाया मानदेय मांगने पर पिटाई करने वालों से महिलाएं अब डरेंगी नहीं। वे और पूरी कांग्रेस पार्टी उनके संघर्ष में साथ खड़ी है। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं अगले चुनाव में आंख बंद करके महिलाओं को वोट दें। इस बार कांग्रेस के टिकट पर 40 फ़ीसदी प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से राजनीति और समाज में बड़ा फ़र्क़ आयेगा। कांग्रेस ने जो पहल की है, उस पर सभी दलों को चलने पर मजबूर होना पड़ेगा। कांग्रेस महासचिव ने कांग्रेस की अन्य प्रतिज्ञाओं की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार बनने पर लड़कियों को लड़कियों को स्मार्टफोन इसलिए दिया जायेगा ताकि वे आनलाइन पढ़ाई कर सकें। वे स्मार्ट पढ़ाई करें और स्मार्ट महिला बनें। साथ ही फोन पास होने पर वे सुरक्षित भी महसूस कर सकेंगी।

स्कूटी इसलिए दी जाएगी ताकि वे पढ़ाई या नौकरी के लिए कहीं भी जा  सकें। कांग्रेस की सरकार महिलाओं की बस यात्रा भी फ्री करेगी। इसके अलावा आरक्षण के मौजूदा प्रावधानों के तहत 40 फीसदी सरकारी नौकरियां महिलाओं को दी जाएगी। वृद्धा और विधवा पेंशन 1 हज़ार रुपये तक बढ़ाई जाएगी और आशा बहनों का मानदेय 10 हज़ार रुपये किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की तर्ज़ पर प्रदेश में 75 दक्षता विद्यालय खोले जायेंगे जहां लड़कियां कोई न कोई हुनर भी सीखेंगी ताकि आत्मनिर्भर बन सकें। रावत ने बताया कि संवाद में एक लड़की ने उनसे महिला सुरक्षा पर कांग्रेस की प्रतिज्ञा के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संबंध में गंभीरता से विचार कर रही है। कई उपायों पर चर्चा जारी है जिसकी जल्दी ही घोषणा की जाएगी। इनमें महिलाओं की शिकायत न सुनने वाले अधिकारी को दस दिन में निलंबित करने, पुलिस में एक चौथाई महिलाओं को भर्ती करने और हर पुलिस थाने में तीन-चार महिला पुलिस अधिकारियों को रखने, महिला जजों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को लेकर अलग से आयोग बनाने जैसे उपायों पर विचार हो रहा है। इस बाबत जल्द घोषणा की जाएगी।

प्रियंका गांधी ने कहा कि राजनीति में जो हिंसा है उसे खत्म करने के लिए महिलाओं को आगे आना होगा। महिलाओं में करुणा होती है। वे अपने बच्चों का ही नहीं, दूसरे के बच्चों का भी ख्याल रखती हैं। महिलाओं में करुणा और सबकी मदद का भाव सबसे ज़्यादा होता है। राजनीति में जो हिंसा है उसे खत्म करने के लिए महिलाओं की बहुत जरूरत है उनमें करुणा होती है वह सिर्फ अपने बच्चों का ध्यान नहीं रखते वह दूसरे बच्चों का भी ध्यान रखती हैं यह करुणा का जो भाव है यह सब की मदद करने का भाव है यह महिलाओं में ज्यादा होता है। उनके आगे आने से राजनीति ही नहीं समाज भी बदलेगा।

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