राम मंदिर के प्रथम तल के निर्माण में लगने वाले पत्थरों में हुआ बदलाव


अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के प्रथम तल बनाए जाने के लिए अब नए सिरे से पत्थरों की तलाशी का कार्य किया जा रहा है। ट्रस्ट की मानें तो मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद मंदिर के मॉडल में हुए बदलाव को देखते हुए बने स्तंभों में भी बदलाव किए गए हैं। जिसके कारण उससे जुड़े सभी तरासे गए पत्थरों को अब दूसरे मंजिल के निर्माण में लगाया जाएगा।राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में रखें 1989 से पत्थरों की तलाशी का कार्य शुरू किया गया था।

अब तक मंदिर के पहले मंजिल के निर्माण के लिए पत्थरों को तैयार करने का कार्य पूरा कर लिया गया था। जिसमें लगभग 112 पिलर बनाई गई थे। लेकिन 9 नवंबर 2019 में फैसला आने के बाद मंदिर निर्माण के लिए मंदिर की भव्यता को बढाये जाने के साथ उसकी ऊंचाई को भी बढ़ाए जाने का फैसला लिया गया। जिसके बाद मंदिर अब तीन मंजिल का होगा तो वही गर्भगृह को भूतल से लेकर शिखर तक 161 फुट बनाया जाएगा। जिसको लेकर मंदिर के प्रथम तल पर होने वाले भार को देखते हुए उनके बने पिलर को अब नए सिरे से तैयार करने की योजना आर्किटेक्ट के द्वारा दिया गया। जिसके आधार पर राजस्थान में चार अन्य कार्य शालाओं को शुरू कर दिया गया है और 1 लाख घन फुट पत्थरों से मंदिर के प्रथम तल को तैयार किया जाएगा।

दरअसल पूर्व में राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे मंदिर निर्माण को लेकर ट्रक अध्यक्ष को मंदिर निर्माण संबंधित जानकारी देते हुए सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि मंदिर मॉडल का स्वरूप बदलकर तीन मंजिला हो गया है जिसके कारण आंदोलन के पूर्व मॉडल के अनुसार पहली मंजिल के बने 112 स्तम्भों की साइज में भी अंतर आ गया है जिसके कारण उनकी उपयोगिता दूसरी मंजिल में होगी। और बताया कि अब फिर से पहली मंजिल के खंभों की नक्काशी का काम राजस्थान की कार्यशाला में शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि अगले छह महीने में वहां से तराशे गये पत्थरों की आवक शुरू हो जाएगी।

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