निर्माण विभाग के अधिकारियों परामर्शी व ठेकेदार को अपर मुख्य सचिव ने दिए व्यापक दिशा-निर्देश

लखनऊ। अपर मुख्य सचिव,लोक निर्माण विभाग, गन्ना एवं आबकारी, संजय भूसरेड्डी ने  लखनऊ में निर्माणाधीन अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए  हैं । उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित विशिष्टयों और मानकों के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के अंदर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए ।भूसरेड्डी द्वारा गत दिनों चक गंजरिया सुल्तानपुर रोड लखनऊ में निर्माणाधीन उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को व्यापक दिशा निर्देश दिए ।

इस चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा ई०पी०सी० मोड पर कराया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, परामर्शी और ठेकेदार को निर्माण के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव देते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। संबंधित अधिकारियों से कार्य के प्रावधान विशेषताओं और वर्क प्रोग्राम के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की तथा भवन के निर्माण में प्रयुक्त टेक्नोलॉजी, आधुनिक निर्माण सामग्री, ऊर्जा संरक्षण  के बारे मे विस्तार से दिशा निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय भवन को ऊर्जा संरक्षण एवं सुरक्षित बनाए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए और कार्य को गुणवत्तापूर्ण कराए जाने जलभराव न होने हेतु उचित प्रावधान किए जाने तथा भूकंप रोधी परिकल्पना को पुनः चेक कराने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए उत्तर प्रदेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को प्रत्येक दशा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा अक्टूबर 2022 तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासनिक भवन एवं  प्रेक्षागृह में विद्युत लोड का आकलन अलग अलग किया जाए इसी प्रकार ताप रोधक भवन निर्माण इस प्रकार किया जाए कि भावनो का उचित तापमान बना रहे तथा कृत्रिम प्रकाश का कम से कम उपयोग हो ,जिससे विद्युत क्रय का भार कम से कम सरकार पर भारित हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता की चेकिंग थर्ड पार्टी के माध्यम से अवश्य कराई जाए। कहा कि ड्रेनेज प्लान की परिकल्पना कर यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी प्रकार से अन्य प्लाटों व मार्गों का वर्षा का पानी निर्माणाधीन परिसर में प्रवेश न करने पाए और इस संबंध में पिछले 10 वर्षों के हाई फ्लड लेवल से भी पुष्टि कर ली जाए। भूसरेड्डी ने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार से  फर्श अथवा बेसमेंट रिटेनिंग वॉल से बेसमेंट में सीपेज न होने पाए, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस यूनिवर्सिटी की स्वीकृत लागत 206.97 करोड़ है, जिसमें प्रशासनिक भवन, प्रेक्षागृह आवास आदि का भी निर्माण किया जाना है। सभी भवनों की परिकल्पना मृदा परीक्षण के अनुसार सैसमिक जोन- 3 (जिसके अंतर्गत लखनऊ आता है )के अनुसार की गई है। और भवनों की परिकल्पना की वैटिंग राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अहमदाबाद से कराने के उपरांत ही परिकल्पना का अनुमोदन किया गया है। प्रशासनिक भवन की परिकल्पना आइसोलेटेड फूटिंग तथा रैफ्ट को मिश्रित कर की गई है और इस भवन की ऊंचाई एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा  प्रतिबंधित ऊंचाई की सीमा के अंतर्गत रखी गई है ,साथ ही भवन के बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था इस भवन की उपयोगिता हेतु पर्याप्त है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता( भवन सेल)  ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना प्रस्तावित है, जिसका प्रशासनिक संचालन अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा होगा ।

निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (भवन सेल)श्री एस ए उस्मानी, अधीक्षण अभियंता पवन वर्मा ,परामर्शी आर्काइन डिजाइन की ओर से संतोष त्रिपाठी वरिष्ठ आर्किटेक्ट इत्यादि एवं ठेकेदार मैसर्स पी एस पी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड गुजरात के अधिकारी प्रमुख रूप उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा सभी परियोजनाओं को ससमय पूर्ण करने के कड़े निर्देश  सभी सम्बंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

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