गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साजिशन कुचला था किसानों को- अजय कुमार लल्लू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि न्यायालय के दबाव एवं सत्याग्रह की ताकत से विशेष जांच दल की रिपोर्ट में लखीमपुर कांड में चार किसानों की कुचलकर हत्या की साजिश स्पष्ट हो गयी है। मुख्य विवेचक द्वारा अदालत में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के माध्यम से यह साबित हुआ है कि तिकुनिया लखीमपुर कांड लापरवाही और उपेक्षापूर्वक गाड़ी चलाते हुए जान लेने की दुर्घटना का मामला नहीं था।

यह सोची समझी साजिश के चलते भीड़ को कुचलने, हत्या करने और हत्या के प्रयत्न के साथ ही अंग भंग करने का मामला है। इसलिए भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘‘टेनी’’ को अपने दावे के अनुसार तत्काल पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने पूर्व में यह दावा किया था कि अगर उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद होगा तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे। अब जब जांच में साबित हो गया है तब उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए अथवा प्रधानमंत्री को उन्हें तत्काल उनके पद से बर्खास्त कर देना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की मानसिकता किसान विरोधी रही है जिसके कारण उनके प्रधानमंत्रित्व काल में लगातार किसानों पर अत्याचार एवं आक्रमण जारी है। किसानों पर हो रहे हमलों के विरुद्ध प्रधानमंत्री के स्तर से कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। जबकि उनका मौन किसान विरोधी कुचक्रों, साजिशों अपमानजनक टिप्पणियों के प्रति मौन स्वीकृति जैसी प्रतीत होने लगती है।

उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी अजय कुमार मिश्रा ‘‘टेनी’’ जो कि लखीमपुर कांड में साजिश के आरोपी हैं और उनके बेटे पर घटना को अंजाम देने एवं साजिश रचने का षड्यंत्र एसआईटी की रिपोर्ट में स्पष्ट हुई है। इसके बावजूद उनकी बर्खास्तगी ना होना प्रधानमंत्री का किसान विरोधी होना साबित करता है। यदि प्रधानमंत्री किसानों के प्रति संवेदनशील हैं, देश के कानून, संविधान और लोकतंत्र में उनकी आस्था अवशेष है तो तत्काल जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए अजय मिश्रा ‘‘टेनी’’ को उनके पद से बर्खास्त करते हुए उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करवायें। अजय कुमार लल्लू ने कहा कि विशेष जांच दल की रिपोर्ट में घटना के साजिशन अंजाम देने की बात सामने आयी है। अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की भूमिका की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इसके लिए यह जरूरी है कि उन्हें उनके पद से हटाया जाय। पूर्व में यह स्पष्ट रूप से देखा गया है कि पुलिस केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री एवं सत्ता के दबाव में काम कर रही थी।

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